कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

दोस्तों rahultechnoweb पर आपका तहे दिल से अभिनंदन हैं इस पेज पर आप लोगों को कब्ज को दूर करने के उपाय को विस्तार से पढ़कर अपने पेट के कब्ज को दूर कर सकते हैं।

आज के समय में कब्ज का होना एक बड़ी समस्या बन गयी है लोग ना जाने कौन कौन माध्यमों से कब्ज का दूर  करने का तरीका बता रहे हैं लेकिन उससे आपको कोई फायदा नही हो रहा है  और नुकसान ज्यादा से ज्यादा  हो रहा  है कुछ लोग तो केवल पैसे कमाने के लिए कब्ज को दूर करने  की दवाइयाँ बेंच रहे हैं ।  जिनका कोई फायदा नहीं हो रहा है ।

और हा हम इस पोस्ट में वैसा नहीं बताएंगे , हम इस पोस्ट में आपको कुछ जबरदस्त नुक्से बताने वाले हैं ।

जो आपको फायदा को छुड़ाय नुकसान नही होगा।

नीचे दिये गये तरीको से कब्ज को दूर कर सकते हैं ,इन तरीको का इस्तेमाल रोजाना करके कब्ज को दूर कर सकते हैं  यदि इन तरीको का इस्तेमाल अच्छे से किया तो आपका कब्जअवश्य दूर हो जाएगा ।

कब्ज एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है जो बहुत से लोगों को प्रभावित करती है। इसमें व्यक्ति को अपने शेष भोजन को निकालने में कठिनाई होती है या फिर उन्हें अनियमित डिफ़्फ़िकल्टी होती है। कई बार लोग अपने खाने में कम फाइबर, कम पानी और अधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने के कारण कब्ज से पीड़ित होते हैं।

कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

कुछ आम उपाय हैं जो कब्ज को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं: अधिक पानी पीना, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाना, अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना, अंडकोषों को ठंडा रखना और व्यायाम करना। यदि ये उपाय काम नहीं करते हैं तो आपको अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

    #1.कब्ज क्या है (what is constipation in hindi)

    कब्ज एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो अपच, अनियमित खाने की आदतों, कम पानी पीने, कम फाइबर आहार और कुछ दवाओं के सेवन के कारण हो सकती है। इसमें अवधि बहुत हद तक भिन्न हो सकती है। कब्ज का मतलब होता है कि आपके शरीर के अंतिम भाग में से गांठित मल का निष्कासन कठिन हो जाता है। इससे मल का रंग काला हो जाता है और इससे पेट में तनाव और अस्वस्थता का अनुभव हो सकता है।

    कब्ज के लक्षण में शामिल हो सकते हैं: मल का ढीला होना, मल का संचय, मल न निकलने का अनुभव, पेट में दर्द या अस्वस्थता और मल के साथ खून का आना। लंबे समय तक कब्ज होने से आपके पेट में समस्याएं और समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे कि गैस, पेट में फूलना और पाचन संबंधी समस्याएं।

    कब्ज को दूर करने के लिए, आपको ज्यादा पानी पीना, फाइबर से भरपूर आहार खाना, और नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। यदि कब्ज लंबे समय तक बना रहता है, तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

    #2. कब्ज कैसे होता है (how does constipation happen in hindi)

    कब्ज अपच, शारीरिक निष्क्रियता, अल्प ऊर्जा और अपर्याप्त पानी पीने से होता है। यह पाचन तंत्र की समस्या होती है, जो खाने के जल्दी और असामयिक खाने, थकान, दुर्घटनाओं, जंक फूड, तले हुए और अधिक तेल वाले भोजन आदि के कारण हो सकती है।

    अन्य कारणों में अल्प फाइबर युक्त आहार, थकान, दवाओं का सेवन, अधिक से अधिक बैठना या लेटना, नियमित व्यायाम की कमी, अत्यधिक दूध उत्पादों या चीनी वाली चीजों का सेवन, अल्कोहल का सेवन आदि भी हो सकते हैं।

    कब्ज का अनुभव होने पर, पेट में दर्द, बदहजमी, गैस, अधिक भारीपन या अनुचित आहार खाने के बाद तुरंत पेट खाली करने की इच्छा आदि संकेत हो सकते हैं।

    #3. कब्ज होने का क्या कारण है (what causes constipation in hindi)

    कब्ज होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

    1.अपच

    2.पाचन तंत्र की बुरी स्थिति

    3.पर्याप्त पानी पीने की कमी

    4.कम शारीरिक गतिविधि

    5.भोजन में कम फाइबर युक्त भोजन खाना

    6.दवाओं का उपयोग, जो कब्ज को बढ़ा सकते हैं

    गर्भावस्था या यातना प्रसव के बाद विभिन्न मेडिकल की बीमारियां जैसे कि आईबीएस, श्रोणि विकार और शुष्क डिस्ट्रेस इत्यादि।

    यदि आपको कब्ज की समस्या है, तो आपको अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए जो आपकी स्थिति का मूल कारण निर्धारित कर सकता है और उपचार की सलाह दे सकता है।

    #4. कब्ज होने के लक्षण (symptoms of constipation in hindi)

    कब्ज होने के कुछ आम लक्षण निम्नलिखित हैं:

    1.पेट में असहजता या तनाव का अनुभव करना

    2.पेट में भारीपन का अनुभव करना

    3.पेट के ऊपरी हिस्से में गैस की समस्या होना

    4.अपने बारे में अनुचित खानपान करना

    5.पेट में दर्द या दर्द के साथ पास न होने वाले समझौते करना

    6.पेट में अधिक मात्रा में फेंके गए डाइटरी फाइबर या दवाई का उपयोग करना

    7.बार-बार बवासीर की शिकायत होना

    8.पेट में वायु का उत्सर्जन न होना

    अगर आपको ये लक्षण होते हैं तो आपको एक डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। डॉक्टर आपकी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और आपको उचित उपचार सुझाएंगे।

    कब्ज के लिए घरेलू उपचार के लिए उपाय (home remedies for constipation in hindi)

    कब्ज एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो अपच और बदलती लाइफस्टाइल के कारण हो सकती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए निम्नलिखित घरेलू उपचार अधिकतर लोगों के लिए उपयोगी साबित हुए हैं:

    1.पानी पीना: रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। यह आपके शरीर के अनुच्छेदों को संतुलित करने में मदद करता है और कब्ज से निपटने में मदद करता है।

    2.फल और सब्जियां: केले, सेब, अनार, गाजर, बीट, फूलगोभी, टमाटर, सलाद आदि कई प्रकार के फल और सब्जियां कब्ज से निपटने में मदद करते हैं। ये फल और सब्जियां आपके अनुच्छेदों को संतुलित बनाते हैं और आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं।

    3.फाइबर: खाद्य में फाइबर का सेवन करने से भी कब्ज से छुटकारा पाया जा सकता है। फाइबर वाले खाद्य वस्तुएं जैसे अनाज, दालें, चने, मटर, आटा, डालिया, ऑट्समील, ब्राउन ब्रेड, जंगली चावल आदि खाएं।

    1.कब्ज के उपचार के लिए मुनक्के का सेवन (Consumption of raisins for the treatment of constipation in hindi)

    कब्ज (Constipation) एक आम समस्या है जो अधिकतर लोगों को प्रभावित करती है। मुनक्के एक प्राकृतिक उपचार होते हैं जो कब्ज को ठीक करने में मदद कर सकते हैं।

    मुनक्के में फाइबर एक बहुत अधिक मात्रा में होता है जो आपके अपचय तंत्र को अधिक सक्रिय बनाता है और आपको समय पर मल त्याग करने में मदद करता है।

    कब्ज के उपचार के लिए मुनक्के का सेवन करने के लिए, आप रात में सोते समय 2-3 मुनक्के एक गिलास गुनगुने पानी में भिगो दें और सुबह उठने के बाद उन्हें खाली पेट खाएं। आप इन्हें रोजाना सेवन कर सकते हैं।

    कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

    अगर आपको कब्ज की शिकायत है, तो आप अपने आहार में भी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं, जैसे कि सब्जियां, फल, अनाज आदि। इसके अलावा, पानी की पर्याप्त मात्रा का सेवन करना भी आवश्यक होता है ताकि आपके अपचय तंत्र को सही ढंग से काम करने में मदद मिल सके।

    यदि आपकी समस्या बहुत गंभीर है, तो आप एक चिकित्सक से सलाह ले ।

    #2. कब्ज के उपचार के लिए बेल का सेवन (Bael intake for the treatment of constipation in hindi)

    कब्ज एक आम समस्या है जो बदलते जीवनशैली और खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण हो सकती है। बेल के सेवन से आप कब्ज से निजात पा सकते हैं।

    बेल फाइबर से भरपूर होता है जो आपके शरीर को सही स्थिति में रखता है। यह अच्छे अंतःस्थलीय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

    बेल के फल में विटामिन सी, विटामिन ए, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, जो आपके शरीर के लिए उपयोगी होते हैं।

    आप बेल को कई तरीकों से सेवन कर सकते हैं, जैसे कि सीधे खाने से, फल का जूस बनाकर पीने से या सलाद में शामिल करके। आप अपने दैनिक आहार में बेल को शामिल करके अपने कब्ज से निजात पा सकते हैं।

    इसके अलावा, आपको प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और सेहतप्रद खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। यदि ये उपाय आपके लिए सही नहीं हैं, तो आप अपने चिकित्सक से संपर्क करके और दवाइयों के बारे में जानकारी लेकर कब्ज के उपचार कर सकते हैं।

    #3. कब्ज के उपचार के लिए जीरा का सेवन (Consuming cumin seeds for the treatment of constipation in hindi)

    कब्ज (Constipation) एक आम समस्या है जो आमतौर पर अपच या अन्य शारीरिक समस्यों से होती है। जीरा एक प्राकृतिक उपचार है जो कब्ज के इलाज में मदद कर सकता है।

    जीरा के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और आपके शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ती है, जिससे आपकी डायटरी फाइबर की जरूरतें पूरी होती हैं। जीरा शरीर को उचित तरीके से पानी भी प्रदान करता है जो पाचन को बेहतर बनाता है।

    कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

    जीरे को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसे ताजा जीरे के रूप में या पाउडर के रूप में ले सकते हैं। जीरे को भोजन के साथ या उससे पहले भी ले सकते हैं। यदि आप जीरे का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप इसे भोजन में डाल सकते हैं, इसे चाय बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं या फिर अपनी पसंद के अनुसार कुछ और बना सकते हैं।

    जीरे को इस्तेमाल करने के लिए, आप इसे चाय या पानी में उबाल सकते हैं। अगर आप चाय बनाना चाहते हैं।

    #4. कब्ज के उपचार के लिए अजवाइन का सेवन (Consuming celery for the treatment of constipation in hindi)

    अजवाइन कब्ज के उपचार के लिए एक अच्छी औषधि हो सकती है। अजवाइन में उपस्थित विभिन्न प्रकार के तत्वों के कारण यह पाचन क्रिया को सुधारता है और पेट में गैस बनने को कम करने में मदद करता है।

    अजवाइन का सेवन करने के लिए, आप इसे पाउडर के रूप में ले सकते हैं और गर्म पानी के साथ मिलाकर एक चाय की तरह पी सकते हैं। आप इसे सब्जियों के साथ भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अजवाइन का तेल भी उपयोग कर सकते हैं, जो आपके पेट में गैस को दूर करने में मदद कर सकता है।

    यदि आपका कब्ज बहुत गंभीर है या अजवाइन के सेवन से भी ठीक नहीं हो रहा है, तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। वे आपको अन्य उपचारों के बारे में बताएंगे जो आपके लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

    #5. कब्ज के उपचार के लिए मुलेठी का सेवन (Consumption of licorice for the treatment of constipation in hindi)

    मुलेठी के रूप में जाना जाने वाला यश्तिमधु एक पौधे का रूप है जो पाकिस्तान, भारत, बंगलादेश, नेपाल और श्रीलंका में पाया जाता है। यह पौधा कई गुणों से भरपूर होता है, जो इसे कब्ज के उपचार में उपयोगी बनाते हैं।

    मुलेठी में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइंफ्लामेट्री होता है जिससे इसका उपयोग कब्ज के उपचार में किया जाता है। इसके अलावा, मुलेठी में एक कैमिकल होता है जो गुदा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है।

    कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

    कब्ज के उपचार के लिए, आप मुलेठी के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। आप मुलेठी के रूप में मिठाई, टॉनिक या टी के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। आप दिन में कुछ बार मुलेठी की चाय पी सकते हैं या फिर आप इसे दवा के रूप में ले सकते हैं।

    #6. कब्ज के उपचार के लिए सौंफ का सेवन (Consuming fennel for the treatment of constipation in hindi)

    सौंफ कब्ज के उपचार में एक प्रभावी घरेलू उपाय हो सकता है। सौंफ में एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर की अधिक मात्रा होती है जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    कब्ज से राहत पाने के लिए, आप सौंफ के बीजों को एक कप पानी में भिगो दें और उसे रात भर भिगोए रखें। अगले दिन, इसे उबालें और उबलने के बाद ठंडा करके पीयें। आप इसे दिन में भी पी सकते हैं।

    आप सौंफ का सेवन अन्य भी तरीकों से कर सकते हैं, जैसे कि सौंफ का चटनी, सौंफ का पानी, या सौंफ का रस। लेकिन ध्यान रखें कि अधिक सौंफ का सेवन करने से पेट में गैस बन सकती है जो कब्ज को बढ़ा सकती है। इसलिए, सौंफ के सेवन में मात्रा का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

    #7. कब्ज के उपचार के लिए चने का सेवन (Consumption of gram for the treatment of constipation in hindi)

    चने में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आपको कब्ज से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। चने में पाए जाने वाले फाइबर दो प्रकार के होते हैं – एक साधारण फाइबर जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और दूसरा एक अनुपातिक फाइबर जो आपके शरीर में अधिक पानी जमा करता है जो कि आपके डिजेस्टिव सिस्टम को मदद करता है।

    चने को भुने हुए या पके हुए रूप में खाने से आपके शरीर को फाइबर के साथ-साथ अन्य विटामिन, मिनरल और पोषक तत्वों की भी आवश्यकता पूरी होती है।

    इसलिए, अगर आप कब्ज से पीड़ित हैं तो दैनिक भोजन में थोड़ी मात्रा में चने शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आप चने को सलाद, सब्जी, दाल या चाट के रूप में शामिल कर सकते हैं।

    कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

    ध्यान देने वाली बात है कि कब्ज की समस्या के लिए एकल चीजें अधिकतर सहायक नहीं होती हैं, इसलिए सही डाइट और व्यायाम के साथ सही दवाइयों का सेवन भी आवश्यक होता है।

    #8. कब्ज के उपचार के लिए सहद का सेवन (Consuming honey for the treatment of constipation in hindi)

    सहद का सेवन कब्ज के उपचार में मददगार हो सकता है। सहद में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व जैसे कि एंटीऑक्सिडेंट्स, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स कब्ज के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

    सहद का उपयोग एक स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो कि कब्ज जैसी समस्याओं से बचने में मदद करता है। इसके अलावा, सहद अपने आप में एक प्राकृतिक लैक्टिक एसिड होता है, जो भोजन के पाचन में मदद करता है।

    कब्ज क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

    आप सहद को रोजाना अपनी चाय, कॉफ़ी या दूध में मिलाकर या फिर दिन में एक-दो बार खाने में मिलाकर खा सकते हैं। यदि आपको अपने खाने में सहद मिलाना पसंद नहीं है, तो आप सहद को गर्म पानी में मिलाकर एक चम्मच खा सकते हैं।

    यदि आप कब्ज से ग्रस्त हैं, तो सहद के सेवन से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना उचित होगा। अधिक से अधिक पानी पीना, फल और सब्जियों का सेवन करना।

    #9. कब्ज के उपचार के लिए पालक का सेवन (Consuming spinach for the treatment of constipation in hindi)

    पालक का सेवन कब्ज के उपचार में मददगार हो सकता है। पालक एक प्राकृतिक लचीले पदार्थ होता है, जो अपच और कब्ज के लिए उपयोगी होता है। पालक में फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    पालक को कच्चा या पका हुआ दोनों रूप में सेवन किया जा सकता है। इसे सलाद या सब्जी के रूप में खाने से लाभ मिलता है। आप इसे अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर खाने के लिए भी चुन सकते हैं। इसके अलावा, पालक का रस पीना भी एक अच्छा उपाय हो सकता है।

    कब्ज के उपचार के लिए, आपको पालक के सेवन के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, आपको अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जैसे कि फल, सब्जियां, अनाज और दालें। योग और व्यायाम भी कब्ज के उपचार में मददगार हो सकते हैं।

    यदि आप कब्ज से पीड़ित हैं तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

    #10. कब्ज के उपचार के लिए काफी का सेवन (Coffee for the treatment of constipation in hindi)

    काफी का सेवन कब्ज के उपचार में मददगार हो सकता है। काफी में उपस्थित तरल पदार्थ आपके शरीर को नमी प्रदान करते हैं, जो आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, काफी में मौजूद फाइबर भी आपके शरीर के वसा को कम करने में मदद करते हैं और उसमें से शुद्ध करने में मदद करते हैं।

    कुछ लोग काफी में उपलब्ध कैफिन की वजह से भी काफी पीते हैं। कैफिन एक स्तिमुलेंट होता है जो आपके शरीर को उत्तेजित करता है और आपकी आंत की गतिविधि को बढ़ाता है, जिससे आपके पाचन तंत्र को भी मदद मिलती है।

    लेकिन ध्यान रखें कि अधिक काफी की मात्रा लेने से आपको उल्टी, दस्त और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, कब्ज के उपचार के लिए काफी का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें

    #11. कब्ज के उपचार के लिए आलू बुखारा का सेवन (Consumption of potato fever for the treatment of constipation in hindi)

    कब्ज एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो अपने शरीर के संक्रमण के साथ-साथ खाने पीने की वजह से भी हो सकती है। आपकी सलाह दी गई आलू बुखारे का सेवन इस समस्या के उपचार में मददगार हो सकता है।
    आप आलू बुखारे को कब्ज के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में उपयोग कर सकते हैं। आलू बुखारे में फाइबर की अधिक मात्रा होती है जो आपके पाचन तंत्र को सक्रिय रखती है। इससे आपके शरीर में जमा हुए मल को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
    आप आलू बुखारे को रोजाना खाने से पहले उसे धोएं और उसे अच्छी तरह से साफ़ पानी में धोकर उसे धीमे आँच पर पकाएं। इससे आपके शरीर को इसके फाइबर और पानी का उचित मात्रा मिलेगा जो आपकी कब्ज को कम करने में मदद करेगा।
    आलू बुखारे को सुबह खाली पेट खाने से या रात को सोने से आधे घंटे पहले खाने से ज्यादा फायदा हो सकता है। इसके अलावा आपको पानी की अधिक मात्रा में पियें और अपने आहार में फल और सब्जियों को शामिल कर सकते हैं ।

    #12. कब्ज के उपचार के लिए त्रिफला का सेवन (Consuming Triphala for the treatment of constipation in hindi)

    त्रिफला कब्ज के लिए एक प्रभावी और स्वास्थ्यप्रद उपचार है। त्रिफला एक आयुर्वेदिक दवा है जो भारत में प्रचलित है और अनेक समस्याओं के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें तीन फलों का मिश्रण होता है – आंवला, हरड़ और बहेरा।
    त्रिफला के सेवन से पाचन तंत्र को सुधार मिलता है और कब्ज कम होता है। इसके अलावा, यह शरीर को विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट्स, और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर बनाता है। त्रिफला को गर्म पानी के साथ सेवन करने से इसकी अधिकतम लाभ मिलता है।
    त्रिफला के सेवन के अलावा, कब्ज से बचने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का भी अनुसरण कर सकते हैं:
    1.प्रतिदिन कम से कम दो लीटर पानी पीना।
    2.अपने आहार में फल, सब्जियां और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर आहार शामिल करें।
    3.प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें।
    4.समय-समय पर शुद्धिकरण दिन आयोजित करें।
    5.सफेद और हरी चाय की बजाय ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।

    कब्ज के बीमारी मे खान पान (diet in constipation in hindi)

    कब्ज के बीमारी में खान-पान का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। यहां कुछ खाने-पीने के सुझाव दिए जाते हैं:
    1.प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।
    2.अनाज, फल और सब्जियों को अधिकतम मात्रा में खाएं। फल और सब्जियों के अलावा अनाज में फाइबर और न्यूट्रिएंट्स की अधिक मात्रा होती है।
    3.भोजन के साथ दही, छाछ और अन्य फर्श में बनी चीजें खाएं। ये आपके पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं।
    4.बेकिंग सोडा युक्त पदार्थ और तले हुए भोजन से बचें।
    5.तेज मसाले और खारी चीजों को कम से कम खाएं।
    6.प्रतिदिन एक गिलास गन्ने का रस पीना फायदेमंद होता है।
    7.प्रतिदिन सुबह गुड़ या शहद के साथ गर्म पानी पीना भी फायदेमंद होता है।
    इन सुझावों के अलावा, आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि आप अपने भोजन को धीरे-धीरे खाते हैं, अधिक पानी पीते हैं और दिन में कम से कम एक बार व्यायाम करते हैं। 

    योगा से करे कब्ज का उपचार  (Treat constipation with yoga in hindi)

    कब्ज (Constipation) अन्य बीमारियों के लिए एक उपचार के रूप में जाना जाता है। योग एक ऐसा उपाय है जो इस समस्या के लिए उपयोगी हो सकता है। निम्नलिखित योगासन एवं प्राणायाम आपको कब्ज से राहत प्रदान कर सकते हैं:
    1.पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana) – यह आसन पेट की गैस को दूर करने में सहायता करता है और पाचन तंत्र को शक्ति प्रदान करता है।
    2.पद्मासन (Padmasana) – यह आसन पेट के अधिक दबाव को कम करने में मदद करता है और पाचन क्रिया को बढ़ाता है।
    3.वज्रासन (Vajrasana) – यह आसन पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है और शरीर के कमर को मजबूत बनाता है।
    4.भुजङ्गासन (Bhujangasana) – यह आसन पेट के अधिक दबाव को कम करने में मदद करता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।
    5.कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayama) – यह प्राणायाम पेट की बढ़ती हुई गैस को दूर करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को सुधारता है।
    कब्ज से बचने के लिए, आपको रोजाना समय से पहले उठकर गर्म पानी में नींबू डाल कर पीना चाहिए ।
    हमे कब्ज होने पर क्या क्या क्या परहेज करना चाहिए
    कब्ज होने पर आप निम्नलिखित उपायों का पालन कर सकते हैं:
    1.प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएं ताकि आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी हो.
    2.फल और सब्जी जैसे की सेब, नारियल, पपीता, तरबूज, गाजर, बीट रूट, गोभी, सलाद आदि का अधिक सेवन करें।
    3.प्रतिदिन आधा घंटे तक कुछ भी एक्सरसाइज या व्यायाम करें।
    4.प्रतिदिन एक से दो छोटे आकार के रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण एक गिलास गुनगुने पानी के साथ ले।
    5.अपनी डाइट में फाइबर रिच खाद्य पदार्थ जैसे की ब्राउन राइस, ब्रेड और सब्जियों को शामिल करें।
    6.कॉफ़ी, शराब, सोडा, मैदा आधारित खाद्य पदार्थों जैसे की पिज्जा और बर्गर का सेवन कम से कम करें।
    7.नियमित रूप से खाने के समय पर खाएं ताकि आपकी पाचन शक्ति अच्छी हो।
    8.अपनी डाइट में दूध, दही और घी को शामिल करें।
    9.नियमित रूप से साइड टू साइड करें ताकि आपका शरीर अच्छी तरह से काम करे।

    कब्ज के कारण कौन-कौन-सी बीमारी हो सकती हैं (What are the diseases that can cause constipation in hindi)

    कब्ज से कई बीमारियाँ हो सकती हैं। इनमें से कुछ मुख्य हैं:
    1.गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल बीमारी (जैसे आइबीएस)
    2.पाइल्स (बवासीर)
    3.एसिडिटी और अपच
    4.मलद्वार संक्रमण
    5.आंत की समस्याएं जैसे आंत में विकार, आंत की सूजन या आंत में अल्सर
    6.अनियमित दस्त
    7.किडनी संबंधी समस्याएं जैसे किडनी स्टोन्स
    8.समस्याएं संबंधित सम्पर्क से जैसे फिशर और अनुवर्ती नलिका संक्रमण
    9.दिल के रोग
    कब्ज से बचने के लिए सही खान-पान, पानी की अधिक मात्रा में पिना और व्यायाम करना जैसी गतिविधियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    कब्ज होने पर डॉक्टर से कब सलाह लेना चाहिए (When to consult a doctor in case of constipation in hindi)

    कब्ज होने पर अगर आपके द्वारा कुछ घरेलू उपायों से आराम नहीं मिल रहा हो तो आपको डॉक्टर से जल्द से जल्द सलाह लेनी चाहिए।
    अगर आपको कुछ इस तरह के लक्षण होते हैं तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
    1=अधिक देर तक कब्ज होना
    2.पेट में दर्द
    3.उल्टी होना
    4.बुखार आना
    5.पेट में सूजन या गर्मी का एहसास होना
    6.बदबूदार या गंधमालिन मल का आना
    7.खून आना
    डॉक्टर से उपचार के अलावा आप खुद भी कुछ उपाय करके कब्ज से राहत पा सकते हैं। इसके लिए आप अपने आहार में फाइबर युक्त आहार शामिल कर सकते हैं, पानी की अधिक मात्रा में सेवन कर सकते हैं और नियमित व्यायाम कर सकते हैं।

    निष्कर्ष(Conclusion)

    तो दोस्तों या था आज का पोस्ट जिसमे आपको मैंने बताया की कब्ज को खत्म करने के लिए कौन कौन से नुक्सा अपनाना चाहिए । और मुझे पूरा उम्मीद है कि आपको ये जानकारी बहोत पसंद आयी होगी । और अगर आपका कोई सवाल है तो आप comment करके पूछ सकते है, मैं आपकी पूरी सहायता(help) करने की कोशिश करूँगा।
    और आप लोग ये बताये की आप लोगो को इनमे से कौन सा नुक्सा आपको बहोत पसंद आया ।
    और कब्ज को खत्म कर सकते हैं आप  लोगों को ये जानकारी कैसी लगी अगर अच्छी लगी हो तो आप ये भी comment करके बता सकते है और साथ ही साथ आप इस आर्टिकल या पोस्ट को शेयर भी जरूर करे।
                                

                                धन्यवाद

     

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