पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

दोस्तों rahultechnoweb पर आपका तहे दिल से अभिनंदन हैं इस पेज पर आप लोगों को पीलिया दूर करने के उपाय को विस्तार से पढ़कर आप अपनी पीलिया को  दूर कर सकते हैं।

आज के समय में पीलिया होना एक बड़ी समस्या बन गयी है लोग ना जाने कौन कौन माध्यमों से पीलिया दूर  करने का तरीका बता रहे हैं लेकिन उससे आपको कोई फायदा नही हो रहा है  और नुकसान ज्यादा से ज्यादा  हो रहा  है कुछ लोग तो केवल पैसे कमाने के लिए पीलिया  दूर करने  की दवाइयाँ बेंच रहे हैं ।  जिनका कोई फायदा नहीं हो रहा है ।

और हा हम इस पोस्ट में वैसा नहीं बताएंगे , हम इस पोस्ट में आपको कुछ जबरदस्त नुक्से बताने वाले हैं ।

जो आपको फायदा को छुड़ाय नुकसान नही होगा।

नीचे दिये गये तरीको से पीलिया र कर सकते हैं ,इन तरीको का इस्तेमाल रोजाना करके पीलिया दूर कर सकते हैं  यदि इन तरीको का इस्तेमाल अच्छे से किया तो आपकी पीलिया अवश्य दूर हो जाएगी ।

पीलिया एक बीमारी है जो लिवर की समस्या के कारण होती है। यह एक तरह का रोग है जिसमें लिवर के कुछ हिस्से बढ़ जाते हैं और बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है। पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)   यह बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने से रंग भी पीला हो जाता है। यह रोग आमतौर पर भूख कम लगने, थकान और पेट में दर्द जैसे लक्षणों के साथ दिखाई देता है।

यह रोग आमतौर पर अधिकतर लोगों के लिए समय से पहले ठीक हो जाता है। लेकिन जब यह रोग गंभीर होता है तो डॉक्टरों की सलाह और उपचार की आवश्यकता होती है। यह रोग बहुत से कारकों से हो सकता है जैसे वायुमंडलीय प्रदूषण, वाइरस, बैक्टीरिया या दवाओं के उपयोग से भी हो सकता है।

पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

इस रोग को नियंत्रित करने के लिए आपको समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उनके द्वारा निर्धारित उपचार विधि का पालन करना चाहिए। उपचार में आपको शांति रखने के लिए अधिक पानी पीना चाहिए, फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

    पीलिया क्या है 

    पीलिया एक प्रकार का रोग है जो कि आमतौर पर जिगर (लिवर) के कारण होता है। इस रोग में जिगर में मौजूद बिलीरुबिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है जो शरीर को पीले रंग में रंग देती है। पीलिया रोग का मुख्य लक्षण पीले रंग का होना होता है, साथ ही अन्य लक्षण भी हो सकते हैं जैसे थकान, उल्टी, पेट में दर्द आदि।

    पीलिया दो प्रकार का होता है – अंग्रेजी में अटाउनिक और नॉन अटाउनिक पीलिया। अटाउनिक पीलिया गंभीर हो सकता है जो जिगर रोग के लिए एक संकेत हो सकता है, जबकि नॉन अटाउनिक पीलिया मानसिक तनाव या खाद्य पदार्थों के सेवन में बदलाव के कारण हो सकता है।

    अगर आपको पीलिया जैसे लक्षण होते हैं, तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि यह एक गंभीर बीमारी हो सकती है और समय रहते इलाज कराना जरूरी हो सकता है।

    पीलिया कैसे होती है

    पीलिया एक प्रकार की बीमारी है जो कि जिगर (लिवर) में होने वाली समस्या के कारण होती है। जब जिगर थोड़ी सी कमजोर होता है तो यह उच्च-प्रचंड जोखिम के साथ जीवन को प्रभावित करने वाली बीमारी हो जाती है।

    पीलिया का मुख्य कारण गैल्ब्लैडर (पित्ताशय) में स्थित आमा के कारण जिगर में एनजाइम के साथ सफेद रक्तकोशिकाओं की अधिकता होना है। ये सफेद रक्तकोशिकाएं अनुभवकों के तंत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकलती हैं, जिससे शरीर की सफाई होती है। लेकिन जब जिगर आमा के कारण संक्रमण से प्रभावित होता है, तो इस प्रक्रिया में बाधा आ जाती है, जो सफेद रक्तकोशिकाओं की अधिकता को बढ़ाती है। यह सफेद रक्तकोशिकाएं शरीर के विभिन्न भागों में निकलती हैं, जो शरीर को पीला बना देती हैं, जिसे हम पीलिया कहते हैं।

    यह बीमारी ज्यादातर नवजात शिशुओं में पाई जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है।

    पीलिया होने का कारण

    पीलिया एक प्रकार का रोग होता है जिसमें लिवर में सफ़ेद परत के उत्पादों की मात्रा बढ़ जाती है जिससे त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ जाता है।

    पीलिया के कुछ मुख्य कारण हैं:

    1.जिगर रोग: जैसे जैसे जिगर में समस्या बढ़ती है, वैसे ही सफ़ेद परत के उत्पादों की मात्रा बढ़ती है और इससे पीलिया होता है। जिगर की कुछ सामान्य समस्याएं हैं: हेपेटाइटिस, सिरोसिस, गुर्दे की पथरी, और अल्कोहल और विषाक्त पदार्थों के उपयोग के कारण जिगर का अपवाद।

    2.अनियमित आहार: नियमित रूप से सही आहार न लेने से लिवर समस्या हो सकती है। अत्यधिक तेल वाले भोजन, मीठे और तले हुए भोजन खाने से भी पीलिया हो सकता है।

    3.विषाक्त पदार्थों का सेवन: अल्कोहल और विषाक्त पदार्थों का सेवन भी जिगर को नुकसान पहुँचाता है और पीलिया का कारण बनता है।

    4.जीभ के कैंसर: जीभ के कैंसर के कारण भी पीलिया हो सकता है।

    पीलिया होने के लक्षण

    पीलिया रोग के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

    1.त्वचा और आंखों का पीला होना

    2.पेट में दर्द और उलटी की शिकायत

    3.भूख न लगना या भूख कम होना

    4.थकान और कमजोरी महसूस करना

    5.बहुत ज्यादा पसीना आना

    6.बाहरी शरीर में खुजली का होना

    7.बाहरी शरीर में सफेद धब्बे होना

    8.मल में वर्ण बदलना या मल सफेद होना

    यदि आपको इन लक्षणों में से कुछ भी दिखाई दे रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। पीलिया रोग के लक्षण अधिकतर मामलों में आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर बन सकता है और इसका इलाज अत्यंत आवश्यक हो सकता है।

    पीलिया किस तरह की बीमारी है

    पीलिया एक बीमारी है जो जिगर के विकार के कारण होती है। इसमें जिगर में मौजूद एन्जाइम बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है जो पीले रंग के रक्त पिगमेंट के रूप में पेश आता है।

    पीलिया दो प्रकार की होती है – अमेरिकी पीलिया और भारतीय पीलिया। अमेरिकी पीलिया ज्यादातर नवजात शिशुओं में होती है, जबकि भारतीय पीलिया वयस्कों में भी हो सकती है।

    भारतीय पीलिया में साधारण लक्षणों में पीले रंग के मूत्र, पतला या सफ़ेद डेढ़ अंजीरी जैसे फेफड़ों के रोग का जीवाणु भी हो सकता है, स्क्लेरा (आँखों का सफेद भाग) और त्वचा का पीला हो जाना शामिल होता है।

    पीलिया का इलाज इसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। सामान्यतया, इसे दवाइयों और संबंधित उपचारों के जरिए इलाज किया जाता है।

    पीलिया होने से कैसे बचें

    पीलिया एक तरह की बीमारी होती है जो जब लिवर के कुछ हिस्से में बाधा आती है, तो उसके कारण शरीर के अंदर के प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव होते हैं जो त्वचा, आंखों और मूत्रमार्ग की पीली रंगत का कारण बनती है। पीलिया होने से बचने के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन करें:

    1.स्वस्थ आहार लें: स्वस्थ खानपान पीलिया से बचने में मददगार हो सकता है। समृद्ध खाद्य पदार्थों में शाकाहारी भोजन, फल, सब्जियां, अनाज और ताजा फलों का सेवन करें।

    2.अल्कोहल न पिएं: अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन पीलिया का कारण बन सकता है। इसलिए, अल्कोहल की मात्रा को सीमित रखें या उससे पूर्णतः बचें।

    3.नशे करते समय सावधानी बरतें: नशे में अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन करना पीलिया का कारण बन सकता है। इसलिए, नशे करते समय सावधानी बरतें और अल्कोहल की मात्रा को सीमित रखें।

    पीलिया किन किन लोगोँ को हो सकता है

    पीलिया एक बीमारी है जो कीलेंद्रिय विरोधी दवाओं, विषाक्त खाद्य पदार्थों या अन्य कारणों से नस्लीय रूप से हो सकती है। यह निम्नलिखित लोगों में अधिक होती है:

    1.नवजात शिशुओं

    2.पूर्व ट्रांसफ्यूजन या अन्य चिकित्सा विधियों के दौरान रक्त लेने वाले लोगों

    3.जो शराब, नशीली दवाएं या अन्य विषाक्त पदार्थों का सेवन करते हैं

    4.जो हेपाटाइटिस से पीड़ित हैं

    5.जो अपने शरीर की उर्जा की मात्रा में कमी होने के कारण कमजोर हो चुके हैं

    6.जो लीवर सम्बंधित समस्याओं से पीड़ित हैं जैसे कि सिरोसिस

    7.जो लंबे समय तक भूखे रहते हैं या भोजन का सेवन करने से इंकार करते हैं

    यदि आपके शरीर में लीवर सम्बंधित समस्या है, तो आपको नियमित रूप से अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और स्वस्थ भोजन खाना चाहिए।

    पीलिया होने से बचने के लिए उपाय

    पीलिया को रोकने के लिए निम्नलिखित उपायों का उपयोग कर सकते हैं:

    1.स्वच्छता बरतें: अपने आसपास के इलाकों को साफ रखने का प्रयास करें और अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहें।

    2.स्वस्थ खानपान अपनाएं: अपनी डाइट में ताजा फल और सब्जियां शामिल करें और प्रोटीन-भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।

    3.पानी पीएं: अपने शरीर को उपयोगी मात्रा में पानी प्रदान करने के लिए नियमित रूप से पानी पीएं।

    4.जहरीले पदार्थों से बचें: जहरीले पदार्थों से दूर रहें, जैसे कि धूम्रपान या अतिरिक्त शराब खपाना।

    5.इलाज कराएं: यदि आप पीलिया के लक्षण देखते हैं तो उम्मीदवार होता है कि आप अपने चिकित्सक से संपर्क करें और सही इलाज के लिए सलाह लें।

    ध्यान दें कि अन्य जटिल मेडिकल कंडीशंस जैसे कि हेपेटाइटिस बी या सी, थायराइड रोग, जीवाणु या पारजीवी इन्फेक्शन इत्यादि भी पीलिया के कारण हो सकते हैं।

    पीलिया होने से बचने के लिए घरेलू नुक्से

    #1.पीलिया होने से बचने के लिए फिटकरी का उपयोग

    फिटकरी का उपयोग पीलिया से बचने के लिए एक उपयोगी घरेलू उपचार हो सकता है। फिटकरी में सल्फेट अवस्थित होता है, जो एक प्रकार का अवार्ड होता है और इसलिए इसका उपयोग गंदगी और कीटाणुओं को हटाने के लिए किया जाता है।

    पीलिया से बचने के लिए, फिटकरी के छोटे टुकड़ों को एक गिलास पानी में भिगो दें पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)    और उसे रात भर के लिए छोड़ दें। सुबह, इस पानी को पीने से पहले इसे अच्छी तरह से मिला लें और इसे खाली पेट पीएं। यह आपके शरीर के लिए एक सुखद और सुरक्षित उपचार हो सकता है।

    ध्यान रखें कि फिटकरी के उपयोग से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लें और उनके सुझावों का पालन करें। अगर आपको पीलिया हो गया है तो फिटकरी का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।

    #2.पीलिया होने से बचने के लिए तुलसी का इस्तेमाल

    पीलिया रोग को रोकने के लिए तुलसी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक तरीका हो सकता है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो विभिन्न संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं।

    तुलसी के पत्तों को पीसकर निम्नलिखित तरीके से उपयोग किया जा सकता है:

    1.एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस, एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं। इसे रोजाना खाली पेट पीने से पीलिया रोग से बचा जा सकता है।

    पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

    2.एक चम्मच तुलसी के पत्तों का सूखा पाउडर, एक चम्मच सौंफ का पाउडर, और एक चम्मच जीरा पाउडर को एक कप पानी में मिलाकर उबालें। इसे ठंडा करके दिन में तीन बार पीने से पीलिया रोग से बचाव हो सकता है।

    3.तुलसी के पत्तों को पीसकर एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं और दिन में दो बार खाएं। इससे पीलिया रोग से बचाव हो सकता है।

    #3.पीलिया होने से बचने के लिए मूली का सेवन

    मूली खाने से पीलिया से बचाव करने में मदद मिल सकती है। मूली में विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो अपचय के समय आपके शरीर के लिए उपयोगी होते हैं।

    मूली में मौजूद पोटेशियम अपचय के दौरान शरीर में आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट के स्तर को बनाए रखता है और इससे आप पीलिया से बच सकते हैं।

    आप मूली को ताजे सलाद के रूप में या सूखी मूली के रूप में खा सकते हैं। सलाद में मूली को आप अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर खा सकते हैं। सूखी मूली को आप खस्ता या सब्जियों के साथ खा सकते हैं।

    अगर आप पीलिया से पीड़ित हैं तो आपको अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सक आपको सही उपचार और आहार की सलाह देंगे।

    #4.पीलिया होने से बचने के लिए पपीते का सेवन

    पपीते का सेवन पीलिया से बचने में मददगार हो सकता है। पपीते में मौजूद विटामिन सी, ए, और कई अन्य विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट्स के कारण यह एक स्वस्थ फल माना जाता है। पपीते में मौजूद पापेन नामक एंजाइम के कारण भी यह पेट से संबंधित समस्याओं से निपटने में मददगार होता है।

    पीलिया रोग के मरीजों के लिए पपीते का सेवन फायदेमंद हो सकता है पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi) क्योंकि पपीते में मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। पपीते में मौजूद पापेन अश्वगंधा की तरह काम करता है जो लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है जिससे पीलिया के मरीजों के लिए इसका सेवन लाभदायक हो सकता है।

    पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

    पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को अपने चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए और केवल पपीते का सेवन करने से इस बीमारी से पूर्णतः बचा नहीं जा सकता है।

    #5.पीलिया होने से बचने के लिए प्याज का सेवन

    पीलिया से बचने के लिए प्याज का सेवन एक सुझाव हो सकता है, लेकिन यह एकमात्र उपाय नहीं है। पीलिया के लिए अन्य कारण हो सकते हैं जैसे अल्कोहल का सेवन, वायरस या बैक्टीरिया के कारण, जो उपचार के बिना पीलिया के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।

    अगर आपको पीलिया हो गया है, तो आपको अपने डॉक्टर की सलाह पर उपचार करना चाहिए। वे आपके लिए सही उपचार की सलाह देंगे जो आपके लिए सबसे अधिक फायदेमंद होगा।

    अगर आपको पीलिया से बचना है, तो आपको अपने खाने की आदतों को संशोधित करना चाहिए। आपको सही पोषण के साथ स्वस्थ खाने की सलाह दी जाती है जैसे ज्यादा पानी पियें, फल और सब्जियों का सेवन करें और बारीकी से धनिया और पुदीना का सेवन करें। आपको शराब और तंबाकू का सेवन भी रोकना चाहिए।

    पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

    इसलिए यदि आप पीलिया से बचना चाहते हैं, तो आपको अपने खाने की आदतों को संशोधित करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

    #6.पीलिया होने से बचने के लिए गिलोय का सेवन

    गिलोय (Tinospora cordifolia) एक जड़ी बूटी है जो दक्षिण एशिया में पाई जाती है और इसे आयुर्वेद में एक प्रमुख औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका सेवन पीलिया जैसी बीमारियों से बचने में मदद कर सकता है।

    गिलोय में विशेष रूप से अधिक मात्रा में अल्कलॉयड्स, टैनिन, फेनोलिक अम्ल, विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक शामिल होते हैं। इसे पेट के रोगों, फफूंद्रों, बुखार और विषाक्तता जैसी समस्याओं के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।

    पीलिया से बचने के लिए, गिलोय की पत्तियों को ताजा या सूखी रूप में पीसकर दूध या पानी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। गिलोय के सेवन से लिवर के स्वस्थ रहने में मदद मिलती है जिससे यह पीलिया जैसी बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, गिलोय का सेवन आपके शरीर को मजबूत बनाने में भी मदद करता है जो आपको विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है

    #7.पीलिया होने से बचने के लिए नारियल पानी का सेवन

    नारियल पानी का सेवन पीलिया से बचने में मददगार साबित हो सकता है। नारियल पानी में एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन C, और पोटेशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, नारियल पानी में मौजूद लौह भी होता है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

    पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

    इसलिए, आप नारियल पानी का सेवन करके अपने शरीर को हेपेटाइटिस ए और बी से बचा सकते हैं। हालांकि, अगर आपको पीलिया हो चुका है तो आपको चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए और निर्धारित उपचार का पालन करना चाहिए।

    #8.पीलिया होने से बचने के लिए नारियल दही का सेवन

    नारियल दही खाने से पीलिया से बचाव किया जा सकता है। यह एक प्राकृतिक पदार्थ है जो आपके शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है और साथ ही आपके लिवर की सेहत को भी संतुलित रखता है। नारियल दही में मौजूद अन्य गुणों के साथ-साथ लैक्टोबैसिलस भी होता है जो शरीर के अंदर कीटाणुओं के खिलाफ लड़ने में मदद करते हैं।

    पीलिया एक बीमारी है जो लिवर के असामान्य कामकाज के कारण होती है। नारियल दही में मौजूद उच्च मात्रा में एंजाइम्स और एंटीऑक्सिडेंट्स आपके लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)  नारियल दही शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में भी मदद करता है जो आपको थकान से बचाता है।

    इसलिए नारियल दही खाना एक स्वस्थ आहार विकल्प हो सकता है जो पीलिया से बचने में मदद कर सकता है। लेकिन, अगर आप पीलिया के लिए इलाज करा रहे हैं तो इसे डॉक्टर से पहले खाना शुरू करना अच्छा होगा।

    #9.पीलिया होने से बचने के लिए धनिया के बीज का सेवन

    धनिया के बीज का सेवन पीलिया से बचने में मददगार हो सकता है। धनिया के बीज में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ए और सी, और उच्च मात्रा में फाइबर उपस्थित होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

    पीलिया रोग का मुख्य कारण गलब्लैडर में स्थित अवयव होता है जो कि आमतौर पर एक प्रकार का पाचक रस उत्पन्न करते हैं। इस रस में बिलीरुबिन नामक एक पिगमेंट होता है जो पीलिया के कारण बनता है। धनिये के बीज में मौजूद उच्च मात्रा के एंटीऑक्सिडेंट बिलीरुबिन को कम करने में मदद करते हैं और इस प्रकार यह रोग से बचाव प्रदान करते हैं।

    #10.पीलिया होने से बचने के लिए हल्दी का सेवन

    हल्दी का सेवन पीलिया से बचने में मददगार हो सकता है। हल्दी में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो लिवर के स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और इस तरह से पीलिया जैसी बीमारियों से बचाते हैं। हल्दी में कुर्क्युमिन नामक एक विशिष्ट तत्व होता है 

    पीलिया के इलाज के लिए घरेलू नुक्से (Home Remedies for Jaundice in hindi)

    जो इसकी उपयोगिता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुर्कुमिन को एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुणों से भरपूर माना जाता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    #11.पीलिया के घरेलू इलाज के लिए टमाटर का प्रयोग

    पीलिया के लिए टमाटर एक अच्छा घरेलू इलाज हो सकता है। टमाटर में लाल रंग का रस होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।

    टमाटर के साथ पीलिया के घरेलू इलाज के लिए निम्नलिखित उपाय हो सकते हैं:

    1.टमाटर का रस: टमाटर का रस निकालकर इसे एक गिलास में लें और इसमें थोड़ी सी नमक डालकर मिलाएं। इसे दिन में कम से कम तीन बार पीएं।

    2.टमाटर की चटनी: टमाटर की चटनी बनाने के लिए टमाटर को धो लें और उसको बारीक काट लें। इसमें नमक, हरी मिर्च और धनिया पत्ती डालकर मिक्स करें। इस चटनी को भोजन के साथ लें।

    3.टमाटर के सलाद: टमाटर के सलाद में टमाटर को धो लें और उसे बारीक काट लें। इसमें नमक, काली मिर्च और लाल मिर्च डालकर मिक्स करें। इसे भोजन के साथ लें।

    अलावा इसके साथ अन्य प्राकृतिक उपाय भी हो सकते हैं जैसे कि नारियल पानी पीना, गुड़ के साथ शहद लेना और पपीते का सेवन करना।

    #12.पीलिया होने से बचने के लिए गन्ने के रस का सेवन

    गन्ने के रस का सेवन पीलिया से बचने में मदद कर सकता है। गन्ने के रस में मौजूद विटामिन सी, विटामिन बी-6, विटामिन बी-12, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, पोटेशियम, थायमिन, नाइट्रोजन, फोस्फोरस और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की मात्रा होती है। इन सभी पोषक तत्वों की वजह से गन्ने का रस पीलिया से बचाव में मदद करता है।

    गन्ने का रस पीलिया से बचने के लिए दिन में दो-तीन बार पीएं। इससे आपके शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है। लेकिन यदि आपको पीलिया के लक्षण होते हैं, तो इससे पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लें, क्योंकि पीलिया बहुत संबंधित समस्या होती है और अधिक गंभीर मामलों में उपचार की जरूरत होती है।

    निष्कर्ष(Conclusion)

    तो दोस्तों या था आज का पोस्ट जिसमे आपको मैंने बताया की पीलिया दो दूर करने के लिए कौन कौन से नुक्सा अपनाना चाहिए । और मुझे पूरा उम्मीद है कि आपको ये जानकारी बहोत पसंद आयी होगी । और अगर आपका कोई सवाल है तो आप comment करके पूछ सकते है, मैं आपकी पूरी सहायता(help) करने की कोशिश करूँगा।

    और आप लोग ये बताये की आप लोगो को इनमे से कौन सा नुक्सा आपको बहोत पसंद आया ।

    और पीलिया को दूर करने के लिए आप  लोगों को ये जानकारी कैसी लगी अगर अच्छी लगी हो तो आप ये भी comment करके बता सकते है और साथ ही साथ आप इस आर्टिकल या पोस्ट को शेयर भी जरूर करे।

                                

                                                                    धन्यवाद

     

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