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साल की पहली पौष पूर्णिमा 2026: इन 5 चीजों से करें शिवलिंग की पूजा, शिव-हरि दोनों होंगे प्रसन्न


सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। पौष महीने के पूर्णिमा बेहद नजदीक आ चुकी है। साल 2026 में साल की पहली पूर्णिमा 3 जनवरी को मनाई जाएगी। पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होते हैं और धरती पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है, लेकिन धार्मिक शास्त्रों में इस दिन शिव जी की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। सनातन धर्म में भगवान शिव और श्री हरि एक-दूसरे के पूरक हैं इसलिए पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से श्री विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शिवलिंग पर चढ़ाएं ये वस्तुएं

कच्चा दूध और गंगाजल अर्पित करें

पौष पूर्णिमा के अवसर पर शिवलिंग पर कच्चे दूध का अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है और मन को शांति व स्थिरता प्राप्त होती है। साथ ही दूध को सात्विक तत्व का प्रतीक माना गया है, जिससे भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं और भक्त को सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

शहद

पौष पूर्णिमा के पावन दिन शिवलिंग पर शहद चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति की वाणी में मिठास आती है और घर-परिवार में चल रहे तनाव व विवाद शांत होते हैं। इसके साथ ही यह उपाय सौभाग्य में वृद्धि करता है और जीवन में शुभता का संचार करता है।

गाय का शुद्ध घी

भगवान शिव पर घी से अभिषेक करने को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घी भगवान विष्णु को भी विशेष रूप से प्रिय है, इसलिए इसे अर्पित करने से देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इससे परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

सफेद चंदन

पूर्णिमा के दिन महादेव को सफेद चंदन का तिलक अर्पित करना शुभ माना जाता है। सफेद रंग चंद्रमा तथा मानसिक शांति का प्रतीक होता है। ऐसी मान्यता है कि इससे व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है और जीवन में चल रही रुकावटें धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

अक्षत

शिवलिंग पर साबुत और बिना टूटे चावल अर्पित करना धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि पूर्णिमा के दिन अक्षत चढ़ाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है।

पूजा मंत्र

– ॐ नमः शिवाय।।

– ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।

शान्तं पद्मासनस्थं शशधरमुकुटं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।।

इन बातों का ध्यान रखें

– शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं, भले ही वह विष्णु पूजा का दिन हो।

– शिव पूजा में बिल्व पत्र का ही प्रयोग करें।

– अर्पित की जाने वाली सभी सामग्री पवित्र होने चाहिए।

– पूजा के बाद किसी गरीब व जरुरतमंद को सफेद वस्तु का दान करें। 



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