Skip to content

shah rukh khan is embroiled in controversy after kkr signed the bangladeshi player to the team


कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने शनिवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देश पर इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र से पहले बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दिया। बीसीसीआई ने भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर यह कदम उठाया। पिछले महीने खिलाड़ियों की नीलामी में केकेआर ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनका आधार मूल्य दो करोड रुपए था। चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के साथ कड़ी बोली प्रक्रिया के बाद केकेआर इस 30 वर्षीय गेंदबाज को अपनी टीम से जोड़ने में सफल रहा था। 

इसे भी पढ़ें: Jayasurya Summoned In ED Fraud Case | ईडी की पूछताछ पर अभिनेता जयसूर्या ने कहा, सभी लेन-देन वैध तरीके से किए गए थे

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान अपनी आईपीएल टीम केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को शामिल करने के फैसले को लेकर बढ़ते विवाद के घेरे में आ गए हैं, जिसमें कई पक्ष उनकी आलोचना कर रहे हैं जबकि कुछ का कहना है कि अभिनेता को उनकी मुस्लिम पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए वे रहमान को आईपीएल में खेलने नहीं देंगे।

इसे भी पढ़ें: Javed Akhtar Deepfake Video | ‘यह बकवास है’, जावेद अख्तर ने ‘टोपी’ पहने हुए अपने डीपफेक वीडियो पर जाहिर किया गुस्सा, कानूनी कार्रवाई की संभावना

वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस के नेता भाई जगताप ने खान का समर्थन करते हुए कहा कि यह विवाद ‘‘भाजपा-आरएसएस की दोहरी नीति’’ का सबूत है, क्योंकि भारत अब भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलता है।
भाजपा नेता संगीत सोम ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है, उन्हें उनके घरों से निर्वस्त्र अवस्था में निकाला जा रहा है और पीटा जा रहा है… वहां के खिलाड़ियों को खरीदना देशद्रोह है।

शाहरुख खान जैसे लोग गद्दार हैं।’’
शिवसेना नेता कृष्ण हेगड़े ने कहा कि पार्टी का रुख हमेशा से यही रहा है कि हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करने वाले या भारत में आतंकवादी हमले में शामिल जगहों के किसी भी खिलाड़ी को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम आईपीएल शासी निकाय और बीसीसीआई से इन खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करेंगे… वे बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार करके भारत से आतिथ्य सत्कार, लाभ और धन का आनंद नहीं ले सकते।’’

इसे भी पढ़ें: Arjun Bijlani का दर्द! ससुर के अंतिम संस्कार में भावुक हुए, बेटे को गले लगाकर रो पड़े, Watch Video

आध्यात्मिक गुरु रामभद्राचार्य ने भी शाहरुख खान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वह ऐसा करेंगे क्योंकि उन्हें हीरो माना जाता है। शाहरुख खान का रवैया हमेशा से राष्ट्र के विपरीत रहा है। उनका चरित्र हमेशा से ही संदिग्ध और राष्ट्रविरोधी रहा है।’’
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सुझाव दिया कि केकेआर प्रबंधन को बांग्लादेशी क्रिकेटर को टीम से हटा देना चाहिए और नीलामी की राशि ’भारत में हिंदू पीड़ितों के रिश्तेदारों’ को दान कर देनी चाहिए।
ठाकुर ने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।’’
शाहरुख खान के समर्थन में भी आवाजें उठीं।

कांग्रेस नेता जगताप ने कहा, ‘‘शाहरुख खान को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वह मुस्लिम हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी हम पाकिस्तानी क्रिकेटरों के साथ क्रिकेट खेलते हैं। यह भाजपा-आरएसएस की दोहरी नीति है।’’
उन्होंने कहा कि शाहरुख खान खुद टीम का चयन नहीं करते।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘टीम चयन की एक प्रक्रिया होती है और मैंने कभी शाहरुख खान को उस प्रक्रिया में शामिल होते नहीं देखा। जूही चावला और उनके पति उस प्रक्रिया में शामिल होते हैं, क्योंकि वे साझेदार हैं। ऐसा नहीं है कि शाहरुख खान बांग्लादेश और पाकिस्तान जाकर खिलाड़ियों का चयन करते हैं।’’

इसे भी पढ़ें: Sidharth Prabhu Car Accident | Kerala TV अभिनेता सिद्धार्थ प्रभु की कार से टकराकर एक व्यक्ति की मौत

उन्होंने कहा कि सब कुछ आईसीसी की सहमति से होता है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष के अनुसार, हर मुद्दे का राजनीतिकरण करना जरूरी नहीं है।
उन्होंने पूछा, ‘‘शाहरुख खान को निशाना बनाकर उन्हें क्या हासिल होगा?’’
समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने भी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने पर मचे बवाल पर सवाल उठाया।
आजमी ने कहा, ‘‘जिस खिलाड़ी को उन्होंने टीम में शामिल किया है, क्या उसने कभी हिंदुओं को नुकसान पहुंचाया है? साफ शब्दों में कहूं तो सरकारें ही नफरत फैलाती हैं।

बांग्लादेश की शेख हसीना, जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, अब कहां हैं? उन्हें हमारे देश में रहने की इजाजत दी गई है। फिर तस्लीमा नसरीन का मामला है… इन सभी मुद्दों को देखकर साफ हो जाता है कि यह सब सिर्फ लोगों में नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है।’’
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि भारत ने अपदस्थ बांग्लादेशी प्रधानमंत्री को शरण क्यों दी है और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच क्यों खेला गया।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने पीटीआई- से कहा, ‘‘केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों जगह भाजपा सत्ता में है, तो फिर जिम्मेदारी शाहरुख खान पर कैसे डाली जा सकती है? खान इसके लिए जिम्मेदार कैसे हो सकते हैं!’’
कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरा देश पाकिस्तान के साथ मैच नहीं चाहता था, फिर भी मैच खेले गए।

सिंह ने सवाल किया, भारत ने बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री (शेख हसीना) को शरण क्यों दी है?
बांग्लादेश के मयमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास नामक 25 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके शरीर को आग लगा दी थी।
एक सप्ताह बाद, 24 दिसंबर को, राजबारी कस्बे के पांग्शा में जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *