सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी यानी कल रखा जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित हैं। इस दिन प्रथम पूज्य गणपति जी की पूजा की जाती है। सकट चौथ को तिलकुटा चौथ या संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो बाजार में कई तरह की मिठाई आसानी से मिल जाती है, लेकिन पूजा के लिए अपने हाथों से बनाए गए भोग की बात कुछ और ही होती है। घर पर बनें प्रसाद में शुद्धता भी होती है। इसलिए इस बार सकट चौथ पर बप्पा को अपने हाथों से बना तिलकुट बना सकते हैं, यह गणेश जी को काफी पसंद आएगा। आइए आपको बताते हैं तिलकुट की रेसिपी कैसे बनाएं।
तिलकुट बनाने के लिए आपको चाहिए
– सफेद तिल 1 कटोरी (साफ किए हुए)
– गुड़ 1 कटोरी (कद्दूकस किया हुआ या छोटे टुकड़ों में)
– हरी इलायची 4-5
– 1 चम्मच घी
तिलकुट बनाने की आसान विधि
– सबसे पहले आप गैस पर एक भारी तले वाली कड़ाही चढ़ाएं। इसके बाद सफेद तिल डालें और धीमी आंच पर भूनना शुरु करें। ध्यान रखें कि आंच ज्यादा तेज न हो वरना तिल जल जाएंगे और स्वाद कड़वा हो जाएगा। तिल को हल्का सुनहरा होने तक और चटकने की आवाज आने तक भूनें। फिर इसको एक प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें।
– जब यह ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सी के जार में डालें। मिक्सी को लगातार न चलाएं, बल्कि ‘पल्स मोड‘ पर चलाएं। ध्यान रखें कि तिल का पाउडर नहीं बनाना है, इसको दरदरा रखें।
– इसके बाद पिसे हुए तिल में अपना कद्दूकस किया हुआ गुड़ और इलायची पाउडर मिला दें। असली स्वाद के लिए आप इस मिश्रण को मिक्सी में एक बार फिर से बहुत हल्का-सा घुमाएं, जिससे गुड़ और तिल एक जान हो जाएं। पारंपरिक तरीके में इसे इमामदस्ते में कूट सकते हैं, जिससे तिल अपना प्राकृतिक तेल छोड़ते हैं और बाइंडिंग अच्छी होती है।
– यह लीजिए स्वादिष्ट और दानेदार तिलकुट तैयार हैं। आप चाहें तो इसे ऐसे ही चूरमें की तरह भोग लगा सकती हैं या फिर हथेली पर हल्का-सा घी लगाकर इसके छोटे-छोटे लड्डू भी बांध सकती हैं।