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BCB बयान से नाराज़ खिलाड़ी, इस्तीफे की मांग के साथ बीपीएल बहिष्कार की चेतावनी


बांग्लादेश क्रिकेट में बड़े टकराव के आसार बनते दिख रहे है। खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड के बीच बयानबाज़ी इतनी बढ़ गई है कि देश में चल रही सबसे बड़ी टी20 लीग तक पर असर पड़ने की आशंका बन गई है।
 
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निदेशक और वित्त समिति के अध्यक्ष नज़मुल इस्लाम ने बुधवार को राष्ट्रीय खिलाड़ियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि बोर्ड खिलाड़ियों पर “करोड़ों-करोड़ों टका” खर्च करता है और जरूरत पड़े तो उनसे यह पैसा वापस मांगा जाना चाहिए। मौजूद जानकारी के अनुसार यह बयान ढाका में बीसीबी के एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था।
इस बयान के कुछ ही घंटों बाद क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश के अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह की टिप्पणी ने पूरे क्रिकेट समुदाय को आहत किया है और यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मिथुन ने स्पष्ट किया कि अगर नज़मुल इस्लाम ने अगला मैच शुरू होने से पहले इस्तीफा नहीं दिया, तो बीपीएल से शुरुआत करते हुए सभी क्रिकेट गतिविधियों का बहिष्कार किया जाएगा।
गौरतलब है कि 15 जनवरी को बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दो मुकाबले तय हैं। बताया जा रहा है कि कई टीमों के कप्तानों और कोचों ने इस बहिष्कार आह्वान के साथ एकजुटता भी जताई है, जिससे टूर्नामेंट के आयोजन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
नज़मुल इस्लाम की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बीसीबी के भारत में होने वाले टी20 विश्व कप मुकाबलों में हिस्सा न लेने के फैसले को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह रुख अपनाया है। इसी संदर्भ में नज़मुल ने कहा था कि अगर बांग्लादेश नहीं खेलता तो आर्थिक नुकसान खिलाड़ियों को होगा, बोर्ड को नहीं, और उन्हें किसी तरह का मुआवजा भी नहीं मिलेगा।
विवाद बढ़ने के बाद बीसीबी ने आधिकारिक बयान जारी कर नज़मुल इस्लाम की टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए खेद जताया और कहा कि ये उनके निजी विचार हैं, बोर्ड की नीति नहीं हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक आचरण पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब नज़मुल इस्लाम विवादों में आए हों। इससे पहले भी उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिससे साफ है कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर अब मैदान के बाहर भी दिखने लगा है।



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