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Bangladesh Cricket में हड़कंप: विवादित निदेशक नजमुल इस्लाम की छुट्टी, BPL में लौटे खिलाड़ी


तनावपूर्ण माहौल के बाद बांग्लादेश क्रिकेट में हालात अब संभलते दिख रहे हैं और खिलाड़ी बांग्लादेश प्रीमियर लीग 2025–26 में दोबारा मैदान पर लौटने को तैयार हैं। बता दें कि गुरुवार को खिलाड़ियों के सामूहिक बहिष्कार ने पूरे टूर्नामेंट को ठप कर दिया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेज़ कार्रवाई हुई है और अंततः सार्वजनिक माफी के साथ मामला सुलझा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, देर रात एक त्रिपक्षीय बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस बैठक के बाद खिलाड़ियों ने शुक्रवार से दोबारा खेलने पर सहमति दी, क्योंकि विवादों में रहे निदेशक नजमुल इस्लाम को बोर्ड की वित्त समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
गौरतलब है कि यह संकट नजमुल इस्लाम के बयानों से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और टी20 विश्व कप से जुड़े मुआवज़े के मुद्दे पर खिलाड़ियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। इससे खिलाड़ियों में गहरा असंतोष फैल गया और उन्होंने सभी क्रिकेट गतिविधियों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया था।
इस विरोध का सीधा असर बीपीएल पर पड़ा और शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाला नोआखाली एक्सप्रेस और चटग्राम रॉयल्स के बीच मुकाबला स्थगित करना पड़ा है। खिलाड़ियों का कहना था कि सम्मान और संवाद की सीमा टूट चुकी है और बिना ठोस कार्रवाई के मैदान पर लौटना संभव नहीं है।
दबाव बढ़ने पर बोर्ड ने तुरंत कदम उठाते हुए नजमुल इस्लाम को वित्त समिति से मुक्त कर दिया है और अमीनुल इस्लाम को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बोर्ड अध्यक्ष अंतरिम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बोर्ड ने अपने बयान में कहा है कि खिलाड़ियों के हित सर्वोपरि हैं और कठिन समय में पेशेवर रवैया बनाए रखना जरूरी है।
इसके बाद नजमुल इस्लाम की सार्वजनिक माफी सामने आई, जिसे खिलाड़ियों के संगठन ने स्वीकार कर लिया है। सीडब्ल्यूएबी अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने कहा है कि माफी और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद खिलाड़ी फिर से खेलने के लिए तैयार हैं और अब ध्यान क्रिकेट पर रहेगा।
बता दें कि बीपीएल के कार्यक्रम में अब कुछ बदलाव किए जाएंगे और 24 घंटे की उथल-पुथल के बाद बांग्लादेश क्रिकेट में अस्थायी शांति लौटती दिख रही है, जिससे टूर्नामेंट के सुचारु संचालन की उम्मीद बनी है, जबकि इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच संवाद की अहमियत भी दिखाया।



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