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Basant Panchami 2026 Vastu Tips: बसंत पंचमी पर पीले फूल से करें ये उपाय, पैसों की होगी वर्षा और दिन दोगुनी होगी तरक्की


आज यानी 23 जनवरी को बंसत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में बसंत पंचमी पर्व का विशष महत्व होता है। ये दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और पीले फूल व मिठाइयां अर्पित करते हैं। बसंत पंचमी का त्योहार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह रंग सकारात्मक, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस लेख में हम आपको वास्तु जुड़े उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें आज आप जरुर करें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। आइए आपको बताते हैं पीले फूल किस दिशा में रखने चाहिए?
 
किस दिशा में रखें पीले फूल?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। यह दिशा देवी-देवताओं तथा सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है। इस स्थान पर पीतल या मिट्टी के बर्तन में ताजे पीले फूल रखने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। आप यहां किसी भी प्रकार के पीले फूल सजा सकती हैं, जिससे मां सरस्वती की कृपा और शुभ ऊर्जा का वास होता है।
घर में सुख-समृद्धि के लिए क्या करें?
बसंत पंचमी के अवसर पर मुख्य द्वार जिसे मां लक्ष्मी का द्वार कहा जाता है। यहां से ही घर में खुशहाली आती है। आप मुख्य द्वार पर पीले रंग के फूल से बनें तोरण को लगाएं। यह घर में सौभाग्य को आमंत्रित करता है और बुरी नजर से रक्षा भी करता है। यह दिन मां सरस्वती को समर्पित है, इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए यह दिशा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। बच्चों के पढ़ने वाले कमरे की पूर्व दिशा में एक छोटे फूलदान में पीले फूल रखें। इससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई में मन लगता है। इसके अतिरिक्त, घर के बीचों-बीच यानी ब्रह्मस्थान या ड्राइंग रूम में पीले फूल रखने से परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बढ़ता है। ड्राइंग रूम की उत्तर दिशा में पीले फूल से सजाएं। यह दिशा कुबेर देव की मानी जाती है। ऐसा करने से आपके करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल जाते हैं
इन बातों का रखें ख्याल
  – कभी भी मुरझाए हुए या सूखे फूलों का प्रयोग न करें। जैसे ही फूल सूखने लगे, उन्हें तुरंत हटाकर ताजे फूलों से बदल दें।
 – यदि आप फूलों को पानी के पात्र में रख रहे हैं, तो उसका पानी रोज बदलें।
 – वास्तु में प्लास्टिक के फूलों को निर्जीव माना जाता है, इसलिए हमेशा प्राकृतिक फूलों का प्रयोग करें। 



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