सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा पराठे ही खाए जाते हैं। तरह-तरह के पराठे इस मौसम में खाना सभी को काफी पसंद होता है। ठंड में गरमा-गरम मूली के पराठे न बनें, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मूली के पराठे स्वाद में काफी टेस्टी होते हैं लेकिन इन्हें बनाना बड़ा टास्क होता है। कई बार लोगों की शिकायत रहती हैं कि पराठे बेलते समय फट जाते हैं या मूली पानी छोड़ देती है जिससे आटा गीला हो जाता है। यदि आपके साथ भी यही होता है तो परेशान न हो। बस इन जादुई ट्रिक्स को अपनाकर आप बिल्कुल गोल, फूले हुए और बिना फटे मूली के पराठे बना सकते हैं।
मूली का पानी निकालने का सही तरीका
मूली में नैचुरल रूप से पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। अगर इसे बिना तैयारी के सीधे आटे में भर दिया जाए, तो पराठा बनाते समय उसके फटने की पूरी संभावना रहती है। इसलिए पहले मूली को कद्दूकस कर लें और उसमें थोड़ा नमक मिलाकर करीब 10–15 मिनट तक रख दें। नमक मिलाने से मूली का अतिरिक्त पानी बाहर निकल आता है,जिससे पराठा सही तरीके से बनता है। इसके बाद, एक सूती कपड़े में मूली को डालकर अच्छे से निचोड़ लें। यह बेहद ही जरुरी स्टेप है। निचोड़े हुए इस पानी को फेंकें नहीं बल्कि इसी पानी से आटा गूंथ लें। इससे पराठे का स्वाद और बढ़ जाएगा।
आटे का लचीलापन और रेस्ट
पराठे फटने का दूसरा बड़ा कारण होता है आटा टाइट गूंथा हुआ है। इसलिए हमेशा मूली के पराठे के लिए आटा नरम और लचीला होना चाहिए। आटा गूंथते समय थोड़ा-सा तेल और चुटकी भर नमक जरुर डालें। इसको कम से कम 20 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। ऐसा करने से आटे में ग्लूटेन बनता है जो खिंचाव देता है। जब आटा लचीला होगा तो बेलते समय वह फटेगा नहीं और स्टफिंग को अच्छे से अंदर समा लेगा।
स्टफिंग में भुना हुआ बेसन या सत्तू मिलाना
मूली को अच्छी तरह निचोड़ने के बाद भी अगर स्टफिंग आपको कुछ ज्यादा गीली लगे, तो यह आसान-सी ट्रिक अपनाएं। मूली के मसाले में एक से दो चम्मच भुना हुआ बेसन या सत्तू मिला दें। इससे बची-खुची नमी तुरंत सोख ली जाती है और स्टफिंग बिल्कुल परफेक्ट बन जाती है, जिससे पराठे बेलते समय फटते नहीं हैं। इस बात का ध्यान रखें कि मसाला तैयार करते समय नमक बिल्कुल आखिरी में डालें जब आप पराठा बेलने जा रहे हों।