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t20 world cup empty stadiums in delhi become a problem for ddca spectators absent from matches


दिल्ली में इन दिनों क्रिकेट का बड़ा आयोजन चल रहा है, लेकिन हर मैच के साथ उत्साह वैसा नहीं दिख रहा। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ इस हफ्ते एक अजीब स्थिति से जूझ रहा है, क्योंकि अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के पांच मैचों में दर्शकों की मौजूदगी असमान नजर आ रही है।

बता दें कि सबसे बड़ी चुनौती हमेशा की तरह भारत का मुकाबला ही है, लेकिन इस बार वजह उलट है। 12 फरवरी को भारत और नामीबिया के बीच खेले जाने वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए टिकटों की जबरदस्त मांग देखने को मिली है। टिकट पहले ही बिक चुके हैं और मान्यता पास की मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा पहुंच गई है।

इसके उलट गैर-भारत मुकाबलों के लिए तस्वीर बिल्कुल अलग है। मौजूद जानकारी के अनुसार DDCA अधिकारियों को स्कूलों से संपर्क कर छात्रों को मुफ्त प्रवेश देने की जिम्मेदारी दी गई थी, ताकि स्टेडियम में खाली सीटों से बचा जा सके। शर्त यह रखी गई थी कि छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में हों और शिक्षकों के साथ आएं।

हालांकि यह योजना ज्यादा सफल नहीं हो सकी। गौरतलब है कि अगले हफ्ते से कक्षा 10 और 12 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और कई स्कूलों में इस समय वार्षिक परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में ज्यादातर स्कूलों ने छात्रों को मैच दिखाने से साफ इनकार कर दिया।

DDCA से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत के मैच को छोड़ दें तो बाकी मुकाबलों के लिए टिकटों की कोई खास मांग नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल जैसे देशों के समर्थकों की भारी मौजूदगी देखी गई थी, लेकिन दिल्ली में वैसा माहौल बनने की उम्मीद कम है।

समस्या को और बढ़ा रहा है मैचों का शेड्यूल। गैर-भारत मुकाबले लगभग सभी वीकडे पर रखे गए हैं और उनमें से ज्यादातर सुबह 11 बजे या दोपहर 3 बजे शुरू हो रहे हैं। ऐसे समय में कामकाजी लोग और युवा दर्शक स्टेडियम तक पहुंचने में रुचि नहीं दिखा रहे।

आयोजकों की चिंता यह भी है कि खाली स्टैंड्स टीवी प्रसारण के लिहाज से अच्छी तस्वीर पेश नहीं करते। यही वजह है कि स्कूलों के छात्रों को लाने का विचार सामने आया था, लेकिन मौजूदा परीक्षा सत्र ने इस योजना पर पानी फेर दिया।

कुल मिलाकर दिल्ली में एक बार फिर यह सच्चाई सामने आई है कि वैश्विक टूर्नामेंट में मेजबान देश के बिना दर्शकों की रुचि बनाए रखना आसान नहीं होता, और यही चुनौती इस समय DDCA के सामने खड़ी है।



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