पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूलों को आमतौर पर बाद में फेंक दिया जाते हैं, जबकि ये आपके गार्डन के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। इन फूलों में प्राकृतिक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों की बढ़त को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अगर आप चाहें तो कुछ आसान तरीकों से घर पर ही इन फूलों से ऑर्गेनिक और पोषक तत्वों से भरपूर कंपोस्ट तैयार कर सकती हैं। कुछ आसान तरीकों से आप इन फूलों को सुखाकर नेचुरल खाद तैयार कर सकते हैं और ये इतनी अच्छी होती है कि इससे पौधों की ग्रोथ भी पहले से बेहतर हो जाती है। आइए आपको बताते हैं फूलों से नेचुरल खाद कैसे बनाएं?
पूजा के फूलों से क्यों बनाएं खाद
पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल सुंदर होने के साथ ही प्राकृतिक रुप से पौधों के लिए उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि फूलों में पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, विटामिन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर भी होते हैं। इनको सीधे मिट्टी में मिलाकर खाद बनाना बेहद आसान है और यह पूरी तरह से ऑर्गिनक तरीका है। फूलों से बनीं हुई खाद पौधों की ग्रोथ में अच्छा असर करती है और इससे पेड़-पौधे ज्यादा हरे-भरे दिखाई देने लगते हैं। यह प्रक्रिया ना केवल फूलों को बर्बाद होने से बचाते हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाते हैं।
फूलों से खाद बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
– पूजा में इस्तेमाल हुए फूल
– सूखी पत्तियां और किचन वेस्ट जैसे सब्जियों के छिलके, पत्तियां आदि
– मिट्टी
– पॉट, मटका या बाल्टी। कोशिश करें कि आप ऐसे गमले का इस्तेमाल करें जिसमें नीचे की तरफ छेद होता है।
कैसे बनाएं पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूलों से खाद
– सबसे पहले आप मिट्टी की परत डालें। इसके बाद मटका या पॉट में थोड़ी मिट्टी डालें। फूलों से जो लिक्विड या पोषक तत्व निकलेंगे, वह मिट्टी में अवशोषित होंगे।
– फिर इस मिट्टी में फूल डालें और फूलों को इस मिट्टी में दबाएं। इस बात का ध्यान रखे कि फूलों में धागे या माला लगी है, तो उसे निकाल दें और केवल फूलों का इस्तेमाल करें।
– इसके बाद मिट्टी में किचन वेस्ट और पत्तियां डालें। इन फूलों के ऊपर घर से निकले सब्जियों के छिलके, पत्तियां और अन्य ऑर्गिनक सामग्री डालें। यह खाद को और अधिक पोषक तत्वों से भरपूर बनाता है।
– फिर मिट्टी की लेयर बनाएं मिट्टी और फूलों के साथ किचन वेस्ट की परतें बारी-बारी से डालें। इस प्रक्रिया को दो-तीन बार दोहराएं जिससे अच्छी कंपोस्टिंग हो सके।
– इस मिश्रण वाले पॉट में हवा और नमी का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। कंटेनर को हल्के से ढककर रखें, लेकिन इसे पूरी तरह बंद न करें, क्योंकि ऐसा करने से खाद जल्दी सड़ सकती है और ठीक से तैयार नहीं हो पाएगी। हर 4-5 दिन में इसे थोड़ा हिलाते रहें, ताकि इसमें हवा का संचार बना रहे और नमी भी बरकरार रहे। यदि जरूरत लगे तो इसमें हल्का-सा पानी भी छिड़क सकते हैं।
कितने समय में तैयार होगी ये खाद
करीब दो महीने में यह मिश्रण पूरी तरह से सड़ा हुआ और पौधों के लिए तैयार नेचुरल कंपोस्ट में बदल जाएगा। यह खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और पौधों के विकास में मदद करती है। इतना ही नहीं, पॉट में सड़े फूलों और किचन वेस्ट से निकलने वाला लिक्विड भी पौधों के लिए बहुत उपयोगी होता है। वहीं, इसको पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे किया जा सकता है।