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Navratri Puja: अखंड ज्योति में रुई की बत्ती एक बड़ी Mistake! जानें Vastu के ये अचूक नियम और लाभ


नवरात्रि के पर्व के दौरान हर घर में देवी दुर्गा की विधिवत रुप से पूजा की जाती है। घरों में अखंड ज्योति भी जलाई जाती है। इस नवरात्रि में आपके घर में अखंड दीपक रखा गया होगा और कोशिश रहती है कि यह नौ दिनों तक जलता रहे। लेकिन इसके लिए कुछ जरुरी वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरुरी माना जाता है। आइए आपको इस लेख में घर के सही दिशा में अखंड ज्योति जलाने के बारे में बताएंगे।
अखंड ज्योति के लिए सबसे उत्तम दिशा
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, पूजा घर में दीपक को सही दिशा में रखने से काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर आप अखंड ज्योति रखने के लिए सबसे जरुरी है दिशा दक्षिण-पूर्वी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह अग्नि की दिशा है, इसलिए यहां ज्योत जलाने से घर के सदस्यों की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यदि आपके घर में ये दिशा नहीं पड़ रही है, तो ऐसे में आप पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। इससे आयु और आरोग्य में वृद्धि होती है।
अंखड ज्योति के लिए लौ किसकी बनाएं?
ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता है कि अखंड ज्योति के लिए लौ किसकी बनाएं। ऐसे में लोग अखंड ज्योत के लिए रुई की बत्ती बनाते हैं, लेकिन आप ये बड़ी गलती कर रहे है, इसके लिए आपको लौ को कलावे से तैयार करके दीपक में नौ दिन के हिसाब से लगा दें, ताकि ये बार-बार बदलनी न पड़ें। कलावे की लौ वैसे भी माता रानी की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। फिर आप इसी से दीपक को जलाएं। इसके साथ ही इसके जलने का ध्यान रखें। ऐसा करने से आपके घर का वास्तु अच्छा रहेगा। इसके साथ ही जीवन की सारी परेशानियां कम हो जाएंगी।
अखंड ज्योति के क्या लाभ होते हैं?
वास्तु के अनुसार, विधिवत रुप से जलाई गई अखंड ज्योति घर के वास्तु दोषों को शांत करती है। इसके साथ ही यह घर के वातावरण से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करती है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाता है। जलती हुई ज्योति ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक है, जो मानसिक तनाव को दूर करके मन को शांति प्रदान करती है। 



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